Wednesday, July 21, 2010

मेरी जाति हिन्दुस्तानी

मेरी जाति हिन्दुस्तानी

विगत लोकसभा सत्र के अंतिम दिनों में तीन क्षेत्रियों दलों के अध्यक्षों ने होनेवाली जनगणना  जातिगत  आधार पर करवाने के लिए सरकार पर दबाब डाला, जो की निसंदेह आरक्षण की भांति  महज  एक  राजनितिक   स्वार्थ-पूर्ति  का  हथकंडा  था | पर ताजुब्ब  की बात  यह  थी  की हमारे  माननीय  प्रधानमंत्री जी जो एक बेहद संजीदा और बुद्धिमान व्यक्ति हैं, वो इस दबाब में बेवजह आ गए और इस प्रस्ताव के लिए सर्वसम्मति दे दी | वर्तमान में प्रस्ताव मंत्री-समूह के अधीन है |

जाति हमारे समाज की वास्तविकता है लेकिन यह भी सच है की जाति और धर्म के नाम पर  की गयी और होने वाली राजनीति ने हमें कहाँ ले जाने वाला है इससे हम सभी अवगत हैं | और हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी समस्या यह है की जहाँ एक ओर सरकार बहरी है वहीँ दूसरी ओर जनता भी उदासीन है | सिर्फ इसी प्रश्न  पर नहीं बल्कि हरेक प्रश्न पर यही हाल है, जो यह दर्शाता है की हम वास्तव में वास्तविक लोकतंत्र  से कितने दूर हैं |

सबसे बड़ी बात राष्ट्रीय एकता का सबसे मजबूत स्तंभ, भारतीय सेना, जो पहले जाति गत आधार पर बटालियन का निर्माण करता था, वह विगत ३५ वर्षों से मिश्रित बटालियन का निर्माण कर रहा है और इसका अच्छा प्रभाव देखने को मिला |

दूसरी और एक ग्रामीण का यह कहना जाति का गणित, ग्रामीण विकास की राह में एक बहुत बड़ा रोड़ा है, हमारी आँखे खोल देने के लिए काफी है | साथ ही इस जाति-प्रथा की वजह से हिन्दू धर्म को छोड़कर  बोद्ध और ईसाई धर्म  को अपनाने वाले लोगों के सामने भी यह एक बड़ा ही प्रश्न-चिन्ह खड़ा हो गया, जिसका जबाब सरकार के पास नहीं है | इसके अलावे विजातीय शादी करने वाले दम्पति भी अवाक् हैं |

समस्याए अनन्त हैं और शायद यह प्रस्ताव फिर से मंडल का भूत ना खड़ा कर दे और हमारे विकास रथ को पता नहीं किस दिशा में मोड़ दे | अतः जरुरी  है की एक जिम्मेदार नागरिक की भांति हम सरकार की इस अदूरदर्शी-निर्णय का विरोध करें |

इशी उद्देश्य के लिए डॉ. वि. पि. वैदिक के नेतृत्व में  सबल भारत का गठन किया गया | विगत १८ जुलाई को सरकार के इसी विध्वंसकारी निर्णय के विरोध में जैन मुनि माननीय लोकेश जी के नेतृत्व में सामूहिक उपवास का कार्यक्रम रखा गया था जोकि बेहद ही सफल रहा | इसमें सभी धर्मों, वर्गों, समुदायों और उम्रों के लोगों ने शिरकत की थी और सबों ने एकजुट होकर सरकार की इस घटिया पहल का पुरजोर विरोध किया | अब हमारा अगला कार्यक्रम यह है की हम सब २७ जुलाई दिन मंगलवार को 10 बजे पूर्वाह्न  से राजधानी में विरोध जताने के लिए सबल भारत के कार्यालय १३, बाराखम्बा रोड से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च करेँगे |  इस शुभ काम के लिए  आप सबसे अनुरोध है की आप सब इसमें भाग लेकर हमारा सहयोग करें | अतिरिक्त जानकारी के लिए http://www.meijatihindustani.com/ या http://www.merijaatihindustani.com/   पर क्लिक करें या सबल भारत के कार्यालय १३, बाराखम्बा रोड, नई दिल्ली, दूरभाष - ०११-२३३२५०६८, पर संपर्क करें.

Click on www.vpvaidik.com/  to read the articles of Dr. V. P. Vaidik.