Sunday, February 18, 2018

सरस्वती-वंदना

सरस्वती-वंदना
___________

हे माँ सरस्वती, हे माँ मैथिल
प्रथम प्रणाम करै छि हे |
कलियुगक अंधियार भगाउ
अहींक शरण आयल छि हे ||

हे माँ महामाया, हे ज्ञानमुद्रा,
मनक भ्रम के दूर करू |
दिय इजोरिया ज्ञान के,
मनक  अन्हरिया दूर करू ||

हे माँ महाविद्या, हे महाभागा,
अहि अज्ञानी के ज्ञान दिय |
छि हम अहींक भरोसे माँ
हमर कर्म के सौभाग्य दिय ||

हे माँ वैष्णवी, हे विशालाक्षी,
सतगुण पर जोर करू |
परा-अपरा के हाथ फेरु
सूतल कुंडली पर चोट करू||

हे माँ महापाशा, हे महाकारा,
हर बाधा स मुक्त करू |
दोष- विकार स  दूर राखु माँ
पथिकक भक्ति स्वीकार करू ||

हे माँ शारदे, हे माँ भारती
भारतक भाग्य उदय करू
सोनक चिरियां, विश्व-गुरु के
फेर से प्रतिष्ठित करू ||

हे माँ सरस्वती, हे माँ मैथिल
प्रथम प्रणाम करै छि हे |
कलियुगक अंधियार भगाउ

अहींक शरण आयल छि हे ||

दिनांक १८.०२.२०१८ 

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.